Good news for SBI female employees: Work from home facility to be provided

7th CPC & Employee News: Good news for SBI female employees: Work from home...: The State Bank of India (SBI) is all set to chalk out plans, regarding offering work from home option to its female employees. The ban...

बड़े काम का है ट्रेन के सफर में छेड़छाड़ की शिकायत की हेल्पलाइन 182


नई दिल्ली. अक्सर ट्रेन में सफर के दौरान महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों के मामले सामने आते हैं। आपको बता दें कि अब चलती ट्रेन में छेड़छाड़ की शिकायत रेलवे की हेल्पलाइन 182 पर की जा सकती है। आजकल सोशल मीडिया पर ऐसी ही घटनाओं की रोकथाम से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है।

 

क्या है वीडियो में 

पैसेंजर्स को अवेयर करते इस वीडियो में दिखाया गया है कि कोच में सवार कुछ आदमी पास बैठी एक लड़की के साथ अश्लील हरकत करते हैं, फिर उसके पास बैठी दूसरी लड़की हेल्पलाइन 182 पर कॉल करती है और रेलवे पुलिस अलगे स्टेशन पर इन मनचलों को पकड़ लेती है।
Source -  dainikbhaskar.c om की ये रिपोर्ट।

खूबसूरत और चमकती पीठ पाने के लिए आजमाएं ये 5 आसान उपाय

खूबसूरत और चमकती पीठ पाने के लिए आजमाएं ये 5 आसान उपाय
डीप नेक ब्लाउज पहनना हो या बैकलेस ड्रेस, सबसे पहले पीठ के बारे में सोचकर टेंशन होती है, जिसकी साफ-सफाई पर अक्सर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता है। महिलाएं इसकी तरफ इसलिए भी ध्यान नहीं देतीं, क्योंकि ये हिस्सा हमेशा ही कवर रहता है। लेकिन शादी-विवाह के मौकों पर पहने जाने वाली ड्रेसेस जिसमें पीछे का हिस्सा खुला रहता है, उसमें बैक ही खास अट्रैक्शन होता है। तो किसी फेस्टिव सीजन का इतंजार किए बगैर अभी से ही इसकी साफ-सफाई का ध्यान रखना शुरू कर दें। जानते हैं चमकती और खूबसूरत बैक पाने के आसान से टिप्स।

1. स्क्रबिंग

स्क्रबिंग स्किन के लिए बहुत ही जरूरी चीज होती है जो पोर्स को खोलने के साथ ही उसे सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाती है। बैकलेस चोली हो या ब्लाउज किसी भी ड्रेस को ब्रेफिक होकर पहना जा सकता है। हर दूसरे से तीसरे दिन पीठ पर स्क्रबिंग करने से ब्लैक हेड्स और डार्क स्पॉट्स दूर होते हैं।

2. ब्रश का इस्तेमाल

खूबसूरत और चमकती पीठ पाने के लिए आजमाएं ये 5 आसान उपाय
पीठ पर जमे ऑयल, गंदगी को हाथों से निकालना बहुत ही मुश्किल काम है। इसके लिए सॉफ्ट ब्रश का इस्तेमाल करें जो पीठ पर जमी गंदगी को दूर करते हैं साथ ही पोर्स को भी खोलते हैं जिससे स्किन को भरपूर ऑक्सीजन मिलती है। पीठ पर हुए मुंहासों को दूर करने के लिए बेनजॉयल पेरोक्साइड युक्त ऐक्ने वॉश का इस्तेमाल करें। तीन हफ्तों के इस्तेमाल के बाद आपके स्किन जितनी ही आपकी पीठ भी खूबसूरती लगेगी।

3. मॉइश्चराइजर

खूबसूरत और चमकती पीठ पाने के लिए आजमाएं ये 5 आसान उपाय
मॉइश्चराइजर जितना स्किन के खुली जगहों के लिए जरूरी है उतना ही छिपी जगहों के लिए भी। नहाने के बाद और स्क्रबिंग के बाद स्किन को मॉइश्चराइजर की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। पीठ पर मॉइश्चराइजर के तौर पर बेबी ऑयल या किसी साधारण क्रीम का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। दिन में बैकलेस ड्रेस पहनना हो तो पीठ पर अच्छे से सनस्क्रीन लोशन लगाकर बाहर निकलें।

4. ट्रीटमेंट

पीठ पर किसी भी प्रकार के मस्से, स्पॉट्स, ब्लैक हेड्स हों तो उसकी खूबसूरती उभर कर नहीं आती। सही तरह से केयर न करने से ऑयल सीबम की मात्रा पीठ पर जमा होते रहती है जो इन सारी परेशानियों का कारण बनती है। इन सबसे बचने के लिए मार्केट में कई तरह के केमिकल पील्स और माइक्रोडर्मब्रैजन, स्किन एक्सफोलिएटिंग ट्रीटमेंट मौजूद हैं जो ऐक्ने, स्कार्स और रिंकल्स की समस्याओं को दूर करते हैं। लेकिन इस प्रकार के किसी भी ट्रीटमेंट को लेने से पहले स्किन एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

5. स्पा

खूबसूरत और चमकती पीठ पाने के लिए आजमाएं ये 5 आसान उपाय
खूबसूरत और दमकती पीठ के लिए स्पा भी बेहतरीन ऑप्शन है। जहां बैक की अच्छे से मसाज की जाती है जो स्किन ग्लोइंग के लिए जरूरी होता है। इसके अलावा समय-समय पर बैक की वैक्सिंग भी कराते रहें। वैक्सिंग स्किन के पोर्स खोलने के साथ ही उसे सॉफ्ट भी बनाती है।

6. मेकअप

इन सबके अलावा शादी या पार्टी में बैकलेस पहनने से पहले पीठ पर किसी अच्छे वाटर प्रूफ फाउंडेशन और कॉम्पैक्ट पाउडर का इस्तेमाल करें। ज्यादा चमकती बैक पाने के लिए गोल्ड फाउंडेशन लगाने के साथ ही शिमर का टच भी दें।

SOURCE - BHASKER

अगर आपकी पत्नी में हैं ये 4 गुण तो आप खुद को भाग्यशाली समझें

DHARMA & PANCHANG: अगर आपकी पत्नी में हैं ये 4 गुण तो आप खुद को हिंदू धर्म में पत्नी को पति की अर्धांगिनी भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है पत्नी पति के शरीर का आधा अंग होती है। महाभारत में भीष्म पितामाह ने कहा है कि पत्नी को सदैव प्रसन्न रखना चाहिए क्योंकि उसी से वंश की वृद्धि होती है।
इसके अलावा भी अनेक ग्रंथों में पत्नी के गुण व अवगुणों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया है। गरुड़ पुराण में भी पत्नी के कुछ गुणों के बारे में बताया गया है। इसके अनुसार जिस व्यक्ति की पत्नी में ये गुण हों, उसे स्वयं को देवराज इंद्र यानी भाग्यशाली समझना चाहिए। ये गुण इस प्रकार हैं-
सा भार्या या गृहे दक्षा सा भार्या या प्रियंवदा।
सा भार्या या पतिप्राणा सा भार्या या पतिव्रता।। (108/18)
अर्थात – जो पत्नी 1. गृहकार्य में दक्ष है, 2. जो प्रियवादिनी है, 3. जिसके पति ही प्राण हैं और जो 4. पतिपरायणा है, वास्तव में वही पत्नी है।
गृह कार्य में दक्ष यानी घर संभालने वाली >
गृह कार्य यानी घर के काम, जो पत्नी घर के सभी कार्य जैसे- भोजन बनाना, साफ-सफाई करना, घर को सजाना, कपड़े-बर्तन आदि साफ करना, बच्चों की जिम्मेदारी ठीक से निभाना, घर आए अतिथियों का मान-सम्मान करना, कम संसाधनों में ही गृहस्थी चलाना आदि कार्यों में निपुण होती है, उसे ही गृह कार्य में दक्ष माना जाता है। ये गुण जिस पत्नी में होते हैं, वह अपने पति की प्रिय होती है।
प्रियवादिनी यानी मीठा बोलने वाली 
पत्नी को अपने पति से सदैव संयमित भाषा में ही बात करना चाहिए। संयमित भाषा यानी धीरे-धीरे व प्रेमपूर्वक। पत्नी द्वारा इस प्रकार से बात करने पर पति भी उसकी बात को ध्यान से सुनता है व उसके इच्छाएं पूरी करने की कोशिश करता है। पति के अलावा पत्नी को घर के अन्य सदस्यों जैसे- सास-ससुर, देवर-देवरानी, जेठ-जेठानी, ननद आदि से भी प्रेमपूर्वक ही बात करनी चाहिए। बोलने के सही तरीके से ही पत्नी अपने पति व परिवार के अन्य सदस्यों के मन में अपने प्रति स्नेह पैदा कर सकती है।
पतिपरायणा यानी पति की हर बात मानने वाली 
जो पत्नी अपने पति को ही सर्वस्व मानती है तथा सदैव उसी के आदेश का पालन करती है, उसे ही धर्म ग्रंथों में पतिव्रता कहा गया है। पतिव्रता पत्नी सदैव अपने पति की सेवा में लगी रहती है, भूल कर भी कभी पति का दिल दुखाने वाली बात नहीं कहती। यदि पति को कोई दुख की बात बतानी हो तो भी वह पूर्ण संयमित होकर कहती है। हर प्रकार के पति को प्रसन्न रखने का प्रयास करती है। पति के अलावा वह कभी भी किसी अन्य पुरुष के बारे में नहीं सोचती। धर्म ग्रंथों में ऐसी ही पत्नी को पतिपरायणा कहा गया है।
धर्म का पालन करने वाली 
एक पत्नी का सबसे पहले यही धर्म होता है कि वह अपने पति व परिवार के हित में सोचे व ऐसा कोई काम न करे जिससे पति या परिवार का अहित हो। गरुड़ पुराण के अनुसार जो पत्नी प्रतिदिन स्नान कर पति के लिए सजती-संवरती है, कम खाती है, कम बोलती है तथा सभी मंगल चिह्नों से युक्त है। जो निरंतर अपने धर्म का पालन करती है तथा अपने पति का प्रिय करती है, उसे ही सच्चे अर्थों में पत्नी मानना चाहिए। जिसकी पत्नी में यह सभी गुण हों, उसे स्वयं को देवराज इंद्र ही समझना चाहिए।
नोट : गरुड़ पुराण पुराने समय का बहुत ही प्रचलित ग्रंथ है। इस ग्रंथ में सुखी जीवन के लिए कई बातें बताई गई हैं। इस पुराण में कुछ बातें ऐसी भी हैं जो आज के समय के लिए प्रासंगिक नहीं हैं और इन बातों का पालन कर पाना सभी के लिए संभव नहीं है। इसीलिए हम यहां बताई गई बातों का समर्थन नहीं करते हैं। ये स्टोरी सिर्फ पाठकों के लिए शास्त्र संबंधी ज्ञान बढ़ाने के लिए है।
साभार : दैनिक भास्कर

S Gayathri is Lady station master - Red, yellow or green, this woman signals change in gender roles

STATION MASTER NEWS: S Gayathri is Lady station master - Red, yellow or...:

S Gayathri is Lady station master - Red, yellow or green, this woman signals change in gender roles


Red, yellow or green, this woman signals change in gender roles
S Gayathri is station master at Coimbatore North Station.




























COIMBATORE: S Gayathri reports for her 10-hour long duty at Coimbatore North Station at 7.50pm sharp, 10 minutes before her shift begins. She briskly walks into the control room to take charge from her colleague, and starts reviewing the trains scheduled to pass through the station over the next three hours. Fifteen minutes later, she starts issuing orders for the green signal for an incoming train from Erode and asks her officials to check on a problem at an intersection almost 1 km away. 

Working through the night completely surrounded by men and in a relatively less crowded station, hardly perturbs the 26-year-old, who has been in the service for over two years now. Gayathri is one of the six women station masters in the Salem division. "I realised the extent of male domination in the station master's category during the training period itself," says the MBA graduate. "While in my batch there were two women among the 18 trainees, in the next few batches there were hardly any representation of woman," she says. 

Once she steps into her station, she almost forgets her gender. "Luckily, in the case of a station master, there are no superiors or even colleagues at the same rank. At a time, there is only one station master. We only have subordinates, and so far, none of them have disobeyed me or disrespected me because I am a woman," she says. "When I walk in with the aim of operating the signals efficiently so that timings are maintained, passengers are not inconvenienced and their safety is not compromised," she says adding, "I am then concerned only about the trains scheduled to pass through or stop in the next 15 minutes which tracks they can use and if they are to be granted a line clearance, besides i there is a need to stop the train due to obstruction," she says. 

The station master says the first few gawks she go when she mentioned her posting were from outside her family circle. "My father was a chief commercial clerk in the Railways and passed away in 2011, a year after his retirement. The same year, I appeared for the railway recruitment exams and cleared it at the very first attempt," she says. "My family thought I was just taking the baton forward, but were slightly surprised when I opted for a station master's post instead of getting into the commercial section," she says. 

Gayathri, however, admits that there are some risks involved in the job. "Stations like Irugur and Sulur, where only passenger trains stop, almost bear deserted look at night. There will be a lot of men engaged in loading and unloading activities or drunkards sitting on the platforms. Often, you t have to be accompanied by a subordinate in the dead of the night to check on a problem with an intersection.You just have to take it in your stride and not let fear bog you down," she says with a smile.
SOURCE - TOI

CLICK HERE