वजन और तनाव घटाता है योग, जानिए महिलाओं से जुड़ी कुछ खास बातें

योग के फायदे अनेक हैं, लेकिन एक ताजा शोध में सामने आया है कि महिलाओं में वजन और तनाव को कम करने में यह प्राचीन विज्ञान काफी कारगर है। 

तनाव कम होगा: योग करने से सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को राहत मिलती है, जो बेचैनी को कम करती है। नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लिमेंट्री एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन के शोधकर्ताओं का कहना है कि नियमित योग करने से तनाव कम होने के साथ ही फोकस बढ़ता है, जागरूकता आती है।
कम खाएंगी: कुछ शोध की रिपोर्ट्स बताती है कि क्रॉनिक स्ट्रेस से जूझ रहे लोग ज्यादा कैलोरी वाली चीजें खाते हैं। योग से स्ट्रेस कम होता है तो ऐसी चीजों को खाने की आदत भी नहीं रहती। 

पेट की चर्बी घटेगी: योग से कार्टिसोल नामक हार्मोन का स्तर कम होता है। यह हार्मोन पेट में चर्बी जमाने के लिए जिम्मेदार है। 

खुश रहेंगी: योग डिप्रेशन के लक्षणों को दूर करता है। इससे आप ज्यादा खुश और एक्टिव रहेंगी। 

अच्छी नींद आएगी: एक अध्ययन के मुताबिक, योग करने वालों को नींद में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। योग प्रैक्टिस से आपको नींद अच्छी आएगी।

अमेरिका में हुए ताजा अध्ययन में सामने आया है कि कामकाजी महिलाओं को ऑफिस से ज्यादा तनाव घर पर होता है। इसका कारण है घर के काम, जो उन्हें ऑफिस जाने से पहले और वापस आकर करने पड़ते हैं।

शोध के मुताबिक, सुबह खाना बनाना, बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करना और रात को फिर खाना बनाना व घर के अन्य कार्य करना, इन तमाम जिम्मेदारियों के चलते महिलाएं तनाव में आ जाती हैं। महिलाओं को ऑफिस के काम का इतना तनाव नहीं होता, जितनी परेशानी के घरेलू कामों को लेकर रहती है। 
ऑफिस में साथियों द्वारा काम की सराहना इन महिलाओं को सुकून और खुशी देती है। रिसर्च में यह भी पता चला कि महिलाओं में स्ट्रेस हार्मोन कार्टिसोल घर के माहौल में ज्यादा रिलीज़ होता है।

इस बारे में पेनसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी में लेबर एंड इम्प्लॉयमेंट की प्रोफेसर साराह दमास्क कहती हैं कि एक महिला के लिए घर का रूटीन बहुत थका देने वाला होता है। बच्चों को तैयार करना, देखना कि उन्होंने ब्रेकफास्ट किया या नहीं, फिर लंच तैयार करना आदि एक्टिविटीज उन्हें बुरी तरह थका देती हैं। फिर ऑफिस जाने का तनाव भी रहता है। घर लौटते ही वापस वही रूटीन शुरू हो जाता है।
नम्रता और अर्चना दस साल से भी ज्यादा समय से साथ हैं। दोनों एक-दूसरे की बेस्ट फ्रेंड हैं। हर सुख-दुख साथ साझा किया और छोटी से छोटी बात भी एक-दूसरे को बताई।

लेकिन पिछले दिनों नम्रता को पता चला कि उसकी बेस्ट फ्रेंड ने उससे अपने बारे में एक राज़ छुपाए रखा। इससे उसे गहरा आघात लगा। खुद को धोखे का शिकार मान रही नम्रता ने अर्चना से बात बंद कर दी।
यह कहानी सिर्फ नम्रता की नहीं है। हममें से कई महिलाओं को कभी न कभी ऐसा फील होता है। लेकिन यह बात ध्यान रखनी जरूरी है कि दोस्ती जितनी गहरी होती है, अपेक्षाएं भी उतनी अधिक बढ़ती जाती हैं।

जाहिर है, अपेक्षाएं बढ़ेंगी तो आप एक-दूसरे के प्रति पजेसिव हो जाओगे। लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि हर व्यक्ति को अपने लिए स्पेस की जरूरत होती है। उसे वह मिलना ही चाहिए। ऐसे में दोस्ती तोड़ना कोई रास्ता नहीं है। इसके बजाय अपनी फ्रेंड से बात करें और पता लगाएं कि ऐसा क्या कारण रहा कि उसने आपको कोई बात नहीं बताई।
Source..bhaskar

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